प्रकृतिक विपदा: सूखा पर निबंध
प्रस्तावना: मानव सदा से प्रकृति पर विजय प्राप्त करने का अभिलाषी रहा है। प्रकृति को अनेक रहस्यों को सुलझाकर, उन पर विजय प्राप्त करके ओर उनसे लाभ प्राप्त करके वह ऊँचा उठना चाहता है, लेकिन किसी न किसी रूप में प्रकृति अपना वर्चस्व मानव को दिखा ही देती है। समय: सन 1857 का जून का … Read more











