प्रकृतिक विपदा: सूखा पर निबंध

sukha-par-nibandh

प्रस्तावना: मानव सदा से प्रकृति पर विजय प्राप्त करने का अभिलाषी रहा है। प्रकृति को अनेक रहस्यों को सुलझाकर, उन …

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नैतिक पतन के दुष्प्रभाव निबंध

naitik patan ke dusprabhav

प्रस्तावना: सारा धन – दौलत, सुख वैभव नैतिकता( सचरित्रता) पर खड़े हैं। महाभारत में प्रहलाद की कथा है। प्रह्लाद अपने …

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