प्रस्तावना:- दशहरा हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है इसे अश्विनी शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है जिसे दशहरा के नाम से जानते  है . इस त्योहार को  सभी हिंदू बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते हैं दशहरे का संबंध शक्ति से भी है जिस प्रकार ज्ञान के लिए सरस्वती की उपासना की जाती है उसी प्रकार शक्ति के लिए मां दुर्गा की उपासना की जाती है कहा जाता है कि आज ही के दिन श्री राम ने महिषासुर नामक रावण राक्षस का वध किया था और माँ दुर्गा  ने शुंभ-निशुंभ राक्षस का वध किया था .और माँ दुर्गा ने माँ महिषासुर मर्दानी का रूप धारण करके  चंड-मुंड का राक्षसो का वध  किया था.और श्रीराम जी ने मां दुर्गा की पूजा करके रावण का वध किया था इसलिए बंगाल अन्य क्षेत्रों में दशहरा को  दुर्गा पूजा के नाम से भी जाना जाता है.

दशहरा का अर्थ:- दशहरा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द के ‘दस- हर, से हुई है जिसका शाब्दिक अर्थ 10 बुराइयों से छुटकारा पाना है भगवान श्री राम की पत्नी का रावण से जीत  के  उपलक्ष में है तथा अच्छाई का बुराई पर जित का नाम दशहरा है .

दशहरा कृषि प्रधान त्यौहार

भारत देश एक कृषि प्रधान देश है  किसान अपने खेत में अनाज उगा कर अपने घर लाता है और जब वह अनाज  रूपी संपत्ति को अपने घर लाता है तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता है इसे वह बहुत ही धूमधाम से  मनाता है वह इसे भगवान की कृपा मानता है और यह रीति रिवाज भारत के किस राज्य में मनाई जाती है.

महाराष्ट्र में सिलगन पर्व मनाया जाता है इस दिन ग्रामीण शमी वृक्ष के पत्तों को एक दूसरे को दे कर आशीर्वाद लेते  हैं यह परंपरा महाराष्ट्र के अलावा आजकल कई राज्यों के लोग भी मनाते हैं इसे  सोनपत्ती के नाम से भी जाना जाता है लोग नए नए कपड़े पहनते है और अपने छोटों को प्यार और बड़ों से आशीर्वाद लेते हैमहाराष्ट्र में से एक सामाजिक पर्व कहते हैं.

सभी राज्य में दशहरा के अलग-अलग नाम और अलग-अलग अंदाज

(1) पंजाब में से नवरात्रि कहते हैं 9 दिन के उपवास रखा जाता है मिठाई और उपहार दिया जाए.

(2) बंगाल, उड़ीसा और असम में इसे दुर्गा पूजा के रुप में मनाया जाता है दुर्गा पूजा बंगालियों का सबसे बड़ा त्यौहार है.

(3) तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में भी यह 9 दिनों तक चलता है और इसमें महालक्ष्मी और  माँ सरस्वती और मां दुर्गा की पूजा करते हैं पूजा स्थल को यह लोग बहुत ही सुंदर और रंग बिरंगे तरीक़े से सजाते  है और पूजा  करते है .

(4) कश्मीर में हिन्दू लोगों की संख्या कम होती है . फिर भी कश्मीर के लोग दशहरे को बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं बिना कुछ खाए पिए बिना पानी पिए ये उपवास  रखते है .

(5) गुजरात में दशहरे में मिट्टी सुशोभित  रंगीन घड़ा देवी का प्रतीक माना जाता है इस धड़े को कुंवारी लड़कियां अपने सिर पर रख कर नाचती है जिसे गरबा के गरबा कहा जाता  है गरबा यहॉ का सबसे बड़ा उत्सव है.

दशहरे का मेला

दशहरा के नवरात्र के प्रारंभ से दशहरे तक जगह-जगह रामलीला होती है और अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं दसवें दिन यानी दशहरे वाले दिन स्थान-स्थान पर मेलों का आयोजन किया जाता है जिसमें सभी उत्साह से भाग लेते ह बच्चे झूला झूलना, खेल तमाशा देखना खाने की तरह तरह की चीजें खाना हर तरफ उस दिन बस उत्साह और उमंग ही रहता है विजयदशमी के दिन रावण मेघनाथ और कुंभकरण का पुतला दहन किया जाता है इसमें हजारों लोग भाग लेते हैं पुतले जलाए जाते हैं बुराई पर अच्छाई की जीत होती है और माता दुर्गा की स्थापना करते हैं इस दिन उस प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है भारी संख्या में लोग जुलूस में उपस्थित रहते हैं और माता दुर्गा के प्रतिमां का विसर्जन करते हैं इस तरह 10 दिनों तक चलने वाला त्योहार  समाप्त होता है और सबको खुशियां ही खुशियां दे जाता है.

उपसंहार
दशहरा हम हिन्दू लोगों के साथ ही सभी धर्मों के लोग उत्सहा से मनाते हैं दशहरा  का त्योहार हमारी सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक है यह त्यौहार आस्था और विश्वास के द्वारा ही संपन्न होता है हमें दशहरा निष्ठा और पवित्र भावना रखते हुए मेल मिलाप के साथ मनाना चाहिए बुराई रावण को अच्छाई राम के प्रतीक में 10 मुखी रावण का दहन करके बुराई में अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा का त्यौहार.

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