जी-20 पर निबंध | G20 Essay in Hindi

5/5 - (6 votes)

छोटी कक्षाओं से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक, G20 निबंध एक महत्वपूर्ण परीक्षा का विषय है। कई बार निबंध लिखने के लिए कक्षाओं में वर्तमान मामलों के विषय दिए जाते हैं, जैसे जी-20 सम्मलेन पर निबंध । इसलिए, यह जानना महत्वपूर्ण है कि जी 20 पर निबंध कैसे लिखें?

जी-20 पर निबंध | G20 Essay in Hindi 1

प्रतावना: जी-20 एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसमें दुनिया के 20 सबसे बड़े आर्थिक शक्तियों का प्रतिनिधित्व होता है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया की आर्थिक विकास की योजनाओं पर एक साथ काम करना और नए समस्याओं और चुनौतियों का समाधान प्रदान करना है।

जी-20 सम्मलेन के सदस्य देश हैं:

अर्जेंटीनाऑस्ट्रेलिया
ब्राजीलकनाडा
चीनयूरोपीय संघ
फ्रांसजर्मनी
भारतइंडोनेशिया
इटलीजापान
मेक्सिकोसऊदी अरब
दक्षिण अफ्रीकादक्षिण कोरिया
तुर्कीयूनाइटेड किंगडम
संयुक्त राज्य अमेरिका

जी-20 की स्थापना: 1999 में एक संगठनों के संघ के रूप में हुई थी, जिसे जी-7 के रूप में जाना जाता था। जी-7 में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम शामिल थे। जी-7 ने दुनिया की आर्थिक विकास की योजनाओं पर एक साथ काम करना शुरू किया, लेकिन 1997 के आर्थिक संकट के बाद, उन्हें लगा कि उन्हें दुनिया के और बड़े आर्थिक शक्तियों को भी शामिल करना चाहिए। इसलिए, उन्होंने जी-20 को बनाया।

जी-20 की स्थापना से, इसने दुनिया की आर्थिक विकास की योजनाओं पर एक साथ काम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने 2008 के आर्थिक संकट के समय दुनिया की आर्थिक विकास को बढ़ाने में भी मदद की।

जी-20 का उद्देश्य क्या है

जी-20का उद्देश्य वैश्विक आर्थिक स्थिरता और सतत विकास को बढ़ावा देना है। इसके लिए, G20 अपने सदस्य देशों के बीच आर्थिक नीति समन्वय को बढ़ावा देता है, ऐसे वित्तीय नियमों को बढ़ावा देता है जो जोखिमों को कम करते हैं और भविष्य के वित्तीय संकटों को रोकते हैं, और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संरचना का आधुनिकीकरण करता है।

जी-20 के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:

  • वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देना
  • आर्थिक असमानता को कम करना
  • गरीबी को कम करना
  • पर्यावरण संरक्षण
  • जलवायु परिवर्तन से निपटना
  • आतंकवाद और अन्य वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला करना

जी-20 के सदस्य देश दुनिया के प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन देशों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75% से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी है। G20 के माध्यम से, इन देशों के नेता वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था को आकार देने में सक्षम हैं।

वर्तमान में, भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। भारत की अध्यक्षता के दौरान, जी 20 ने वैश्विक आर्थिक विकास, खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अन्य वैश्विक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया है।

जी-20 के लिए भारत की प्राथमिकताएं: भारत, 2023 में जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। इस अवसर का उपयोग भारत अपने वैश्विक नेतृत्व को बढ़ावा देने और वैश्विक मामलों में अपनी भूमिका को मजबूत करने के लिए कर रहा है।

भारत की जी-20 अध्यक्षता की प्राथमिकताओं में शामिल हैं:

  • आर्थिक विकास और समावेश: भारत वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और सभी देशों के लिए समावेशी विकास को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
  • पर्यावरण संरक्षण: भारत जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय गिरावट से निपटने के लिए कार्रवाई करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
  • वैश्विक चुनौतियों का समाधान: भारत वैश्विक चुनौतियों जैसे आतंकवाद, भूखमरी और गरीबी को हल करने के लिए सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

भारत का मानना ​​है कि जी-20 एक महत्वपूर्ण मंच है जहां दुनिया के देशों को इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक साथ काम करने के लिए एक साथ आना चाहिए।

Leave a Comment