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कोरोना वायरस पर निबंध महामारी पर निबंध।

कोरोना वायरस (Corona virus) का मानव-जाति पर प्रहार पर निबंध।
कोरोना वायरस, महामारी पर हिंदी निबंध।
Covid19, Corona virus पर निबंध।

कोरोना वायरस कहाँ से आया, कैसे आया हमें नहीं पता। लेकिन समाचार की पुष्टि से यह वायरस चीन के युहान राज्य से फैला। कहा जाता है, चीन के युहान राज्य के समुद्री – खाद्य बाज़ार यानी पशु मार्किट से निकलकर चीन के कई राज्यों में फैला और देखते ही देखते इसने लाखो लोगों की ज़िन्दगी से खेलना शुरू कर दिया। इस वायरस ने 180 देशों को और कई राज्यों को अपने चपेट में ले लिया। दिसंबर में चीन से पहली कोरोना वायरस से मौत की पुष्टि हुई।

इस वायरस ने अब तक 2 लाख से ज़्यादा लोगों की जान ली है। जनवरी 7, को चीन ने वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन को एक नए वायरस कोरोना वायरस Covid19 के बारे में इतलाह किया।

कोरोना वायरस कैसे फैलता है ?

  • कोरोना संक्रमित मरीज़ के छींकने से उसके आस-पास के लोगों तक तेज़ी से फैलता है।
  • किसी कोरोना संक्रमित मरीज़ के थूक को सतह पर छूने से और फिर अपने मुंह, चेहरे, नाक को हाथ लगाने से फैलता है।
  • कोरोना संक्रमित के छींक की बूंदे से कोरोना वायरस सफर कर रहे एक यात्री से दूसरे यात्री में तेज़ी से फैलता है।
  • यह हवाई जहाज के सीटों पर कई समय तक जिन्दा रह सकता है।
  • एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति हज़ारों लोगो को संक्रमित कर सकता है। कोरोना वायरस मनुष्य के शरीर में बिना कोई लक्षण दिखाए 14 दिनों तक एक्टिव रह सकता है।

कोरोना वायरस के लक्षण:

तेज बुखार, गले में दर्द, ख़त्म न होने वाली खासी और सांस लेने में तकलीफ। अंत में जाके यह फेफड़ों को कमजोर कर देता है जिससे मरीज़ को सांस लेने में मुश्किल होती है। यह शरीर के दूसरे अंगों को नाकाम कर देता है जिससे मरीज़ की मौत हो जाती  है।

कोरोना वायरस से बचने के कुछ तरीके :

अपने -आपको वायरस से मुक्त करने के लिए हमे 20 सेकंड तक बार -बार अपने हाथ धोने चाहिए। हम चाहें तो हैंड सांइटिज़ेर का प्रयोग कर सकते है। हमेशा घर से बाहर निकलते वक़्त मुँह पर मास्क पहनकर निकले और घर आकर मास्क को साफ़ कर ले। छींकते वक़्त अपने मुँह को कोहनी से या अपने टिश्यू पेपर से ढक ले और उस टिश्यू पेपर को कूड़ेदान में फेंक दे।

अगर कोई अभी इंसान बाहर से सफर करके आया है तो 2 हफ्ते तक अपने आप घर पर रहे और लोगों से दुरी बनाये रखे इससे संक्रमण का खतरा काम होगा। सामाजिक दुरी इस समय (social Distance) हर देश को एक बेहतर उपाए लग रहा है। तक़रीबन इस समय संकट की घड़ी में सभी देशों ने लोक डाउन (LockDown) करने का एलान किया जो बिलकुल सही है।

कोरोना वायरस का चीन पर पहला वार:

11 जनवरी को चीन ने पहले 61 वर्षीय आदमी के मौत की जानकारी दी। जिसने युहान के पशु बाजार से सामान ख़रीदा था। दिल का दौड़ा पड़ने पर उसकी मौत हो गयी। 16 जनवरी को एक दूसरे मौत की खबर युहान से आयी। इसी तरह देखते ही देखते  नेपाल, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, मलयिसिया, सिंगापुर, फदक्षिण कोरिया, विएतनाम, ताइवान, अमेरिका, इटली, भारत आदि देशो को अपने पंजो में जकड लिया।

चीन ने जनवरी के आखरी दिनों में यह दावा किया की यह एक मनुष्य से दूसरे मनुष्यों में फेलता है जो की काफी भयानक है, लेकिन बहुत देर हो गयी थी। पूरा विश्व इसकी चपेट में आ चूका था। जनवरी 22, चीन में 17 लोगों की मौत हो गयी और 550 लोग संक्रमित थे। फरवरी 8 को यूएस नागरिक की युहान शहर में मौत हो गयी। 10 फरवरी तक 108 लोगों की चीन में मौत हो गयी थी और यह आंकड़ा रोज तेज़ी से बढ़ रहा था और थमने का नाम नहीं ले रहा। 11 मार्च को वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने कोरोना वायरस को एक भयानक महामारी घोषित कर दिया।

भारत में आज 10,000 से ज़्यादा लोग संक्रमित है और लोगों की मौत हो गयी है। अमेरिका जैसे विकसित देशों में 2 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित है और रोज 800 लोगों की मौत हो रही है। चीन के बाद इटली इसकी चपेट में आ गया है।

इटली में कोरोना मरीज़ो की संख्या 17,000 तक पहुंच गया है और  21,000 लोगों की मौत हो गयी है। यूएसए में 61,4000 में कोरोना संक्रमित मरीज़ पाए गए है और 26,000 लोगो की मौत हो गयी है। 24 अप्रैल को भारत के प्रधानमंत्री ने 3 मई तक लॉक डाउन घोषित कर दिया है और हम भारतियों को इसका पालन करना अनिवार्य है। तभी हमे इस महामारी से छुटकारा मिल सकता है। सोशल डिस्टन्सिंग यानी सामाजिक दुरी इसका आखरी उपाय है ताकि संक्रमण को रोका जा सके। फ्रांस ने लॉक डाउन को 11 मई तक बढ़ाने का एलान कर दिया है। ताइवान में 393 केसेस दर्ज हुए है। ज़्यादातर लोग इसमें बाहर देशो से यात्रा करके आये थे। 13 अप्रैल को न्यूयोर्क में 10,000 से ज़्यादा लोगो की मौत हो गयी। नाइजीरिया और सिंगापुर ने भी लॉक डाउन का एलान कर दिया है। हर जगह जैसे त्र्याही -त्रयहि मच गई है। इस विपदा ने दुनिया भर में लाखो लोगो की जान ले ली।

चीन अभी कोरोना वायरस से उभर ही रहा था और सामान्य जीवन व्यतीत करने की कोशिश कर रहा था की अचानक कोरोना वायरस के 108 केसेस फिर से दर्ज हो गए। 11 अप्रैल को स्पेन में 510 लोगों की जान गयी।

इटली में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 11468 हो गयी है हलाकि यह संख्या फिर से बदल सकती है। हर घंटे हर एक देश में कोरोना वायरस लोगों की जान ले रहा है और मानव जाति के लिए घातक साबित हुआ है। पूरी दुनिया में कुल 167 मिलियन केसेस दर्ज हुयी है। चीन में कोरोना के दूसरे चरण का पता चला है जिसमे मरीज़ो को कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिल रहे जबकि खून की जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए है।

पुरे दुनिया के वैज्ञानिक कोरोना वायरस से निपटने के लिए वैक्सीन की खोज में जुट गए है लेकिन कोई ख़ास सफलता हाथ नहीं लगी लेकिन खोज अभी जारी है।

अभी तक के लिए सारे देशो में दो लोगो का एक साथ निकलना मना कर दिया गया है और धारा 144 लागु कर दी गयी है। दुकाने, दफ्तर, स्कूल, रेस्टोरेंट, होटल सब बंद कर दिए गए है। भारत हर संभव कोशिश कर रहा है ताकि इस महामारी से छुटकारा मिल जाए।

ज़्यादातर बुजुर्ग लोग 60 से ऊपर लोग अपने जान गवा रहे है जिनमे डायबिटीज, हृदय रोग जैसी बीमारी है। कोरोना वायरस से जहाँ बहुत से लोगो की जान गयी हैं वहां बहुत सारे लोग ठीक भी हुए है लेकिन उनका आंकड़ा मरने वालों की तुलना में कम है। अभी देखा जा रहा है जो 37 मरीज़ कोरोना वायरस से ठीक हुए है वह फिर से पॉजिटिव पाए गए है। कोरोना मरीज को अस्पताल में एक अलग कमरे में रखा जा रहा है जिससे संक्रमण न फैले। डॉक्टर और नर्स दिन रात मरीज़ों की सेवा कर रहे है, हम तहे दिल से उन्हें सलाम करते है। डॉक्टर और नर्स भी इस जानलेवा वायरस से संक्रमित हो गए है।

देखा जा रहा है जहाँ मरीज़ों का इलाज चल रहा है वहां के हर चीजों में वायरस का प्रकोप है। कोरोना वायरस बहुत समय तक हवा में और कपड़ो पर कई घंटो तक जीवित रह सकता है।

एंटीबायोटिक्स कोरोना वायरस को नहीं रोक सकता। एंटीबायोटिक्स से कोरोना वायरस का इलाज संभव नहीं है। मरीज़ के माइल्ड सिम्पटम्स हो तो 2 हफ्ते में ठीक हो सकता है। अगर सिम्पटम्स गंभीर हैं यानी बहुत ज़्यादा सांस लेने में तकलीफ होना इसमें मरीज़ को वेंटीलेटर की ज़रूरत होती है। ऐसे मरीज़ को 6 हफ्ते लग सकते है। covid19 के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी कोरोना वायरस के इलाज के लिए फ्लुइड्स दिए जाते है ताकि मरीज़ को डिहाइड्रेशन न हो जाए। बुखार को काम करने के लिए दवाई दी जाती है। क्लोरोक्विन एक ऐसी दवा है जो मलेरिया में काम आती है अब यह कोरोना वायरस से लड़ने में भारी मात्रा में काम आ रही है। दक्षिण कोरिया में हाल ही  में HIV के इलाज़ में प्रयोग होने वाले दवाईया से 54 वर्ष के एक मरीज़ के ठीक होने की खबर मिली है। मलेरिया के इलाज़ में प्रयोग होने वाले दवाइयां भी असरदार हो रही है। favilar नामक दवाई कोरोना के मरीज़ के नाक और गले के सूजन को ठीक करने में असरदार साबित हुई है।

अगर कोरोना वायरस के लक्षण किसी में है तो उसे यह निम्नलिखित चीज़ो पर ध्यान देने की आवशयक्ता है

– तेज़ बुखार: लगातार खासी, सांस लेने में तकलीफ होने पर घर पर रहे और स्वस्थकर्मी को इसकी सुचना दे।

निष्कर्ष: कोरोना वायरस ने पुरे विश्व के शक्तिशाली देशों को घुटनो पर लाकर रख दिया है। सारे देश मिलकर कोरोना वायरस से मुक्ति पाने में जुटी है और डॉक्टर्स ,नर्सेज एकजुट होकर लड़ रहे है। उनकी जितनी भी सराहना की जाए कम  होगी। नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कठोर कदम उठाये है जो हमारे देश की भलाई के लिए है और हम सभी को एक भारतीय होने के नाते इस कठोर समय में उनका साथ देना चाहिए ताकि हम देश को रोगमुक्त कर सके। ऐसा करने पर जल्द ही ज़िन्दगी फिर से वापस पटरी पर आ जाएगी। कोरोना वायरस के खिलाफ यह महायुद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक हम इस वायरस को जड़ से ख़त्म ने करे।

लेखक:- रीमा बोस

corona virus के लक्ष्ण
corona virus के लक्ष्ण

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