जनमानस और कानून व्यवस्था, कानून व्यवस्था पर निबंध

जनमानस और कानून व्यवस्था पर निबंध। Hindi essay janmanas aur kanoon vyavastha, कानून व्यवस्था पर निबंध।

प्रस्तावना:- जनमानस (सामान्य भाषा में सामान्य नागरिक) जिनके लिए कानून व्यवस्था सामाजिक तौर पर महत्वपूर्ण होती ह.यह एक जनमानस के लिए अच्छे समाज और अच्छे माहौल का निर्माण करती है. कानून व्यवस्था एक ऐसा शब्द है जिसे आप अक्सर न्यूज़पेपर या सोशल मीडिया सभी जगह इसका नाम आता रहता है .और यह सामाजिक तौर पर भी महत्वपूर्ण होती हैं. एक बेहतर कानून व्यवस्था जनमानस के लिए और अच्छे समाज और अच्छा माहौल का निर्माण करती ह. जो कि अति आवश्यक है सामान्य नागरिक के लिए इस क़ानून व्यवस्था का पालन हर जनमानस को करना चाहिए।

जनमानस के लिए कानून व्यवस्था क्या होती है ?

किसी भी राज्य ,शहर ,अथवा क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अपराधों पर रोक लगाने के लिए ,और जनमानस ,की सुरक्षा के लिए कानून व्यवस्था एक मुख्य अंग है .अक्सर जहां भी कहीं राजनीतिक या सामाजिक लड़ाई या फिर तनाव उत्पन्न होता है. तो कानून व्यवस्था का संकट खड़ा हो जाता है मतलब किसी जगह किसी क्षेत्र में अशांति या लड़ाई होना भी कानून व्यवस्था का संकट भी होता है.

जनमानस के लिए केंद्र की कानून व्यवस्था। 

संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत पुलिस ,कानून व्यवस्था और जनमानस ,राज्य के विषय है .अपराध रोकना ,उसे दर्ज, करना उसकी जांच पड़ताल करना और अपराधियों के विरुद्ध अभियोजन चलाने की मुख्य भूमिका राज्य सरकार खासकर पुलिस को दी जाती है संविधान के मुताबिक ही केंद्र सरकार पुलिस आधुनिकरण , अस्त्र, शस्त्र,उपस्कर ,मोबिलिटी ,प्रशिक्षण और अन्य अवसंरचना के लिए राज्य सरकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है.

जनमानस के लिए (सी .सी .आई.एम. ,एन .सी.आर.बी .और ओ.सी .आई .एस )यह कानून व्यवस्था की के लिए सहायता करता है। 

कानून व्यवस्था जनमानस के लिए अपराधों से संबंधित घटनाओं को रोकने के लिए केंद्रीय सुरक्षा और सूचना एजेंसी राज्य की कानून और प्रवर्तन इकाइयों को नियमित रूप से जानकारी देती है ,राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) गृह मंत्रालय की एक नोडल एजेंसी है .जो अपराधों को बेहतर ढंग से रोकने और नियंत्रित करने के लिए राज्यों की सहायता सहायता करती है ,और राज्यों के अपराध संबंधी आकड़े जुटाने और उनका विशलेषण करने का कार्य करती है , ऐसे ही

सी.सी.आई .एस:- भी होती है जो कि जिलों में जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो और राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो को कंप्यूटर प्रणाली से जोड़ दिया गया है .इनमें अपराध रोकने ,सेवा प्रदाता क्षेत्र में सुधार करने, पुलिस ,कानून एजेंसीया,अपराधीयो ,और अपराध से जुड़ी संपत्ति का एक राष्ट्र स्तरीय डाटाबेस रखती है .जो कि किसी भी तरह का अपराध को रोकने जनमानस के लिए कानून की व्यवस्था अतिमहत्वपूर्ण है .

ओ.सी.आई.एस:- इसके साथ ही एक और नई प्रणाली विकसित की जा रही है.जनमानस के लिए जिसका नाम है ओ.सी.आई.एस.है इसमें विभिन्न अपराधो के आंकड आसानी से मिल जाते है .और कानून व्यवस्था को जनमानस के लिए बेहतर बनाते है.

जनमानस के लिए समान नागरिक संहिता की कानून व्यवस्था

इसके मुताबिक हमारा देश में प्रत्येक व्यक्ति का जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करती ह.ताकि इससे व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरिके का मतभेद ना उत्पन्न हो इसके लिए शादी का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है हमारे देश में किसी भी व्यक्ति के लिए अंतरजातीय और अन्य धर्म में विवाह करने की बंदिश नहीं है सब के लिए कोर्ट मैरिज का विकल्प है सभी को 18 साल की उम्र में वोट डालने का अधिकार है और लड़कों के लिए 21 साल उम्र निर्धारित की गई है और यह सभी पर लागू होती है जनमानस की भलाई और किसी भी प्रकार के मतभेद से बचाने के लिए इस तरह की कानून व्यवस्था हमारे देश में बनाई गई है सभी नागरिक को समान अधिकार हमारे देश का नियम है जो सब पर लागू होता है .

जनमानस के लिए कानून व्यवस्था की सहायता

हमारे देश के संविधान के अनुच्छेद 39 में सभी के लिए एक समान सुनिश्चित न्याय प्रदान किया गया है ,समाज के कमजोर वर्ग और गरीबों के लिए निशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था की गई है अनुच्छेद 14 और 22(1) के तहत राज्य का दायित्व है कि वह सबके लिए समान अवसर सुनिश्चित करें और इसी के तहत 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम पास किया गया जिसके तहत समाज के कमजोर और गरीबों को सहायता की जाती है
भारत के मुख्य न्यायाधीश प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक, उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश और इस कार्यकारी के अध्यक्ष इस कार्य को संभालते हैं.

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण(नालसा) की सहायता

इसके तहत
(1) जो इसके सुपात्र उसको मुफ्त कानूनी सहायता.

(2) और विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए लोक अदालतों का संचालन.

(3) बच्च, महिलाएं ,अनुसूचित जात,अनुसूचित जनजातियों ,के लिए मुफ्त सहायता.

(4) औद्योगिक श्रमिक, हिंसा ,बाढ़ ,भूकंप, औद्योगिक आपदा की शिकार व्यक्ति ,विकलांग लोग इत्यादि इसके अंतर्गत आते हैं.

(5) ऐसे व्यक्ति जिसकी आय 50,000 से अधिक नहीं है बेकार है ,अवैध मानव व्यापार के शिकार ,और हिरासत में रखे गए लोग इसके अंतर्गत आते हैं.

नालसा के जरिए हमारे देश में सभी को उचित कानूनी सहायता प्रदान कर जाती है एक तरह से इसका निर्माण इनकी मदद के लिए ही बनाया है.

उपसंहार

इस प्रकार कानून व्ययस्था और जनमानस के लिए कानुन का आचरण उसके सामान्य नियम का पालन करना जनमानस के लिए अनिवार्य है . और यदि इसका पालन जनमानस नहीं करता है तो उस व्यक्ति को न्यायपालिका द्वारा दंडित किया जाता है वैसे भी विधि शब्द विधाता से जुड़ा है आध्यात्मिक तोर से विधि के विधान का आशय विधाता द्वारा बनाए गए कानून है जिस प्रकार जीवन और मरन ,विधाता द्वारा बनाए गए नियम है . उसी प्रकार धरती पर कानून और उसकी व्यवस्था भी जनमानस के लिए बनाया गया नियम है जिस प्रकार विधाता के नियमों का उल्लंघन करने से हम मनुष्य को सज़ा प्रदान की जाती है उसी प्रकार कानून व्यवस्था हमारे ही बनाएगी और उसका उल्घन करने पर हम जनमानस के लिए सजा का प्रावधान है इसलिए इस कानून का पालन करना और इसके दाइत्वो का निर्व्हा करना हमारा कर्तव्य है।

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