दूरदर्शन पर निबंध (300 व 500 शब्दों में)

Rate this post

दूरदर्शन पर निबंध (300 शब्दों में)

प्रस्तावना

दूरदर्शन आधुनिक युग का चमत्कारी आविष्कार है। मनोरंजन का प्रमुख साधन होने के कारण यह घर घर में प्रवेश कर चुका है। आजकल दूरदर्शन के अनेक चैनल काम कर रहे हैं जिन्हें डिश एंटीना के माध्यम से देखा जा सकता है। जिसमें बीबीसी, स्टार प्लस, प्राइम स्पोर्ट्स, ज़ी टीवी और मेट्रो चैनल विशेष लोकप्रिय हो चुके हैं। मनुष्य आदि युग से ही यह सपने देखता आया है कि वह उन घटनाओं को भी अपनी आंखों से देख सके तो उससे बहुत दूर घटित हो रही हैं। महाभारत में संजय ने अपनी दिव्य दृष्टि से कुरुक्षेत्र के युद्ध की समस्त घटनाओं का चित्र में वर्णन अंधे धृतराष्ट्र को सुनाया था। आधुनिक युग में दूरदर्शन के आविष्कार ने प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह सुलभ बना दिया है कि वह इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर हो रहे क्रिकेट मैच को अपने कमरे में बैठकर लेटकर जैसा चाहे देख सके।विभिन्न वैज्ञानिकों ने दूरदर्शन के प्रयोग को संभव बनाया है।

दूरदर्शन का प्रारंभ

भारत में दूरदर्शन का प्रथम प्रसारण 15 सितंबर 1959 को दिल्ली के केंद्र से हुआ था। पर अब तो दिल्ली के अतिरिक्त मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, मद्रास, बेंगलुरु, श्रीनगर, अमृतसर, गुवाहाटी आदि केंद्रों से भी दूरदर्शन के कार्यक्रमों का प्रसारण होता है। डिश एंटीना की सहायता से विश्व भर के महत्वपूर्ण टीवी प्रसारण को देखा जा सकता है। जब चांद पर उतरते हुए प्रथम मानव नील आर्मस्ट्रांग को पृथ्वी वासियों ने सुना था तब दूरदर्शन के जरिए ही उन्होंने उस प्रतिमूर्ति के विषय में सुना होगा। घटनाओं को सुनना और उन्हें एक चित्र के रूप में प्रदर्शित करने का कार्य दूरदर्शन के कारण ही संभव हुआ था।

दूरदर्शन की उपयोगिता

दिनभर का थका हारा व्यक्ति दिनभर की मजदूरी के बाद अपने परिवार के साथ दूरदर्शन के सामने बैठकर बड़ी राहत का अनुभव करता है तथा जो व्यक्ति अपनी व्यस्तता समर्थक के कारण श्री माता आदि स्थलों पर नहीं जा सकते दूरदर्शन उन्हें भी घर पर ही मनोरंजन उपलब्ध कराता है। क्रिकेट के सीधे प्रसारण घर-घर में लोकप्रिय है।इतिहास की विभिन्न घटनाओं पर ऐतिहासिक स्थलों तथा किसी स्थान की भौगोलिक विशेषताओं का सचित्र परिचय दूरदर्शन ही विद्यार्थियों को सहज रूप से कराता है। दूरदर्शन पर 26 जनवरी तथा 15 अगस्त तथा अन्य राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर कार्यक्रम दिखाकर जनता में राष्ट्रीय चेतना का भाग जगाया जाता है। मानव जीवन में दूरदर्शन ने अपना एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। जो सदा के लिए लोकप्रिय बना रहेगा।

दूरदर्शन पर निबंध (500 शब्दों में)

प्रस्तावना

दूरदर्शन मनोरंजन का एक प्रमुख साधन है।हालांकि वर्तमान समय में बढ़ते इंटरनेट के प्रयोग के चलते दूरदर्शन का प्रयोग अधिकतर लोग नहीं कर रहे हैं। लेकिन इस आधुनिक युग में भी दूरदर्शन के आविष्कार ने प्रत्येक व्यक्ति के लिए मनोरंजन सुलभ बना दिया है। बिना इंटरनेट के आप कहीं पर भी मनोरंजन के साधन का प्रयोग कर सकते हैं। दूरदर्शन के जरिए आप अपने मनपसंद गाने सुन सकते हैं और समाचारों को भी सुन सकते हैं। यही कारण है कि दूरदर्शन की लोकप्रियता अभी भी ज्यों की त्यों बनी हुई है।

दूरदर्शन का प्रारंभ

दूरदर्शन का आविष्कार करने में अनेक वैज्ञानिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। दूरदर्शन को टेलीविजन शब्द का हिंदी रूपांतर भी माना जाता है। टेलीविजन का आविष्कार अनेक वैज्ञानिकों के महत्वपूर्ण योगदान के कारण संभव हुआ। वास्तव में दूरदर्शन विभिन्न आविष्कारों का समन्वित रूप है। दूरदर्शन का प्रथम प्रयोग जॉन एल बेयर्ड ने सन 1925 में किया था इसीलिए उन्हें की दूरदर्शन का जनक माना जाता है। दूरदर्शन का प्रथम प्रसारण बीबीसी लंदन ने सन 1936 में किया। वहीं भारत में दूरदर्शन का प्रथम प्रसारण 15 सितंबर 1959 को दिल्ली केंद्र से हुआ था।

दूरदर्शन की लोकप्रियता

प्रारंभ में दूरदर्शन केवल अमीरों के मनोरंजन का साधन हुआ करता था। लेकिन वर्तमान समय में स्थितियां बदल चुकी है। मध्यम वर्गीय और निम्न वर्गीय आर्थिक स्थिति वाले घरों में भी दूरदर्शन का प्रवेश हो चुका है। इंटरनेट की बढ़ती लोकप्रियता के चलते दूरदर्शन अब निम्न वर्ग के लोगों तक सीमित हो चुका है। हालांकि रामायण, महाभारत, चित्रहार तथा फीचर फिल्म में ऐसे लोकप्रिय कार्यक्रम हमें दूरदर्शन पर यह देखने को मिलते हैं।जब से भारत में रंगीन प्रसारण आरंभ हुआ है तब से दूर देशों की लोकप्रियता में तेजी बढ़ोतरी आई।

दूरदर्शन की उपयोगिता

दूरदर्शन राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षिक क्षेत्र, मनोरंजन और क्रीडा क्षेत्र सभी में बड़ा उपयोगी है। राजनीति क्षेत्र में दूरदर्शन की उपयोगिता इस प्रकार है कि दूरदर्शन के माध्यम से राजनेता अपने विचार अति प्रभावशाली ढंग से जनसाधारण तक पहुंचा सकते हैं। भारत के अधिकांश जनसंख्या अभी भी दूरदर्शन का प्रयोग करती है और इसके माध्यम से राष्ट्रीय चेतना जताई जा सकती है।

इसके अतिरिक्त दूरदर्शन सामाजिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मनोरंजक और रोचक कथाओं के माध्यम से दूरदर्शन लोगों को शिक्षाप्रद बातें सिखाने में सक्षम होता है। विज्ञान, कृषि, चिकित्सा और सामाजिक विषयों में होने वाले अविष्कारों की जानकारी दूरदर्शन पर बड़े प्रभावशाली ढंग से दी जा सकती है। इतना ही नहीं दूरदर्शन पर 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर कार्यक्रम दिखाकर लोगों में राष्ट्रीय चेतना की भावना को भी जागृत किया जा सकता है।

मनोरंजन के क्षेत्र में दूरदर्शन सशक्त माध्यम बन गया है। प्रति सप्ताह ढेरों मनोरंजक कार्यक्रम, धारावाहिक, फीचर फिल्म, कवि सम्मेलन व गीत संगीत कार्यक्रम दूरदर्शन पर प्रसारित होते रहते हैं। क्रीड़ा के क्षेत्र में दूरदर्शन की उपयोगिता सर्वविदित है। प्रति सप्ताह ढेरों मनोरंजक कार्यक्रम तथा क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का सीधा प्रसारण कर दूरदर्शन अपने खेल प्रेमी दर्शकों को संतुष्ट करता है।क्रिकेट के सीधे प्रसारण ने इसे घर-घर में लोकप्रिय बना दिया है जिससे युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता है तथा खेलों के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार होता है।

निष्कर्ष

वास्तव में मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में दूरदर्शन की उपयोगिता है। यह मनोरंजन का सर्वाधिक सशक्त माध्यम तो है ही साथ ही शिक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। दूरदर्शन आधुनिक जीवन का आवश्यक और बहु उपयोगी अंग बन गया है।

Leave a Comment