[Monday, 3 August] रक्षाबंधन (कच्चे धागों का पक्का बंधन) 

वर्तमान युग विज्ञान का युग है पर निबंध

आज का वर्तमान आधुनिक युग विज्ञान की देन  है। हम अपने दैनिक जीवन संबंधी कई वस्तुओं का इस्तेमाल करते है। यह सारी चीज़ें , विज्ञान और प्रौद्योगिकी यानी टेक्नोलॉजी का दिया हुआ है। विज्ञान ने हमारे ज़िन्दगी और कार्य करने के तरीको को बदल कर रख दिया है।  विज्ञान ने रोज़मर्रा के सुख -सुविधाओं के साधन मनुष्य को दिए है , जिसके कारण हमारी ज़िन्दगी आसान बन गयी है। हम सौ फीसदी चीज़ें , जिसका उपयोग हम रोज़ करते है , विज्ञान द्वारा दी गयी है। हम   रेडियो , टीवी  स्पीकर इत्यादि का इस्तेमाल अपने मनोरंजन के लिए करते है। अगर टेलीफोन या स्मार्ट फ़ोन नहीं होता , तो सोचिये हमे सन्देश भेजने में कितना वक़्त लग जाता।

बिजली  और  इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के आविष्कार ने हमारे जीवन को आरामदायक बना दिया है। गर्मी के मौसम में पंखे के बैगर हमे नींद नहीं आती। अत्यधिक गर्मी में हमे एयर कंडीशनर के  ठंडी हवा की ज़रूरत पड़ती है। रात को हम बिजली यानी इलेक्ट्रिसिटी के बैगर कार्य नहीं कर पाते है। मनुष्य थक सकते है , लेकिन उन्हें रोशनी प्रदान करने वाले बल्ब , टुब लाइट ,सर्च लाइट , स्ट्रीट लाइट नहीं थकते और निरंतर हमे रोशनी प्रदान करते है। यह सारे रोशनी प्रदान करने वाले उपकरण विज्ञान की देन है।

 हमारी ज़िन्दगी के इन छोटे -बड़े परेशानियों को इन उपकरणों ने आसान बना दिया है।  वाशिंग मशीन से लेकर रेफ्रीजिरेटर तक  यह सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हमारी सारी ज़रूरतों का ध्यान रखते है।  इन सभी का श्रेय विज्ञान और इन उपकरणों का अविष्कार करने वाले वैज्ञानिको को जाता है।

यह विज्ञान का चमत्कार है , कि उसने मनुष्य जाति को सुख सुविधाओं से नवाज़ा है। कारखानों में विभिन्न प्रकार के मशीन आने के कारण मनुष्य जाति का काम बहुत आसान हो जाता है।  कम समय में  बहुत सारी चीज़ें यह मशीने उत्पादित  कर सकती है। अगर आपको गणित या एकाउंट्स संबंधित कार्य करना है तो आप कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते है। कैलकुलेटर से गणना हम चुटकियों में कर सकते है।

  आजकल लैपटॉप और कंप्यूटर के बैगर ऑफिस का कार्य हो नहीं पाता है , कह सकते है बिलकुल असंभव है।  लैपटॉप पर आप पढ़ाई से लेकर दफ्तर के सारे कार्य कर सकते है। विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है , कि वह चाँद और अंतरिक्ष तक पहुँच गया है। दुनिया में जितने भी स्पेस रिसर्च सेंटर है , वह पृथ्वी और सौरमंडल से जुड़े सारे ज़रूरी जानकारी हम तक पहुंचाते है। इंटरनेट भी विज्ञान और प्रौद्योगिकी का ही दिया हुआ उपहार है , जिसमे बिना वक़्त गवाए , हम दुनिया के किसी भी कोने से जुड़कर सन्देश ,शिक्षा  का आदान -प्रदान के साथ विभिन्न क्षेत्रों  में कार्य कर सकते है।

विज्ञान ने मिलो की दूरी को आसान कर दिया है।  यातायात  और परिवहन के साधन जैसे  बस , मोटरसाइकिल , कार इत्यादि का निर्माण वैज्ञानिको द्वारा किया गया है। एक जगह से दूसरे जगह तक जल्दी पहुँचने के लिए वायुयान के इंतज़ाम भी विज्ञान ने मानव जाति के लिए किया है।  इसलिए कहना गलत नहीं होगा कि हमारा वर्तमान आधुनिक युग विज्ञान की ही देन है।  विज्ञान मानवजाति के लिए वरदान साबित हुआ है। चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान की वजह से उन्नति हुयी है।  चिकित्सा जगत में प्रगति के कारण अब मनुष्य भयानक बिमारियों से मुक्ति पाने में सक्षम हो पाया है। कई प्रकार के जानलेवा बीमारी का इलाज़ आसानी से हो जाता है , इसका श्रेय विज्ञान को जाता है।

विज्ञान  और तकनीक के बिना हम अपने  जीवन की कल्पना तक नहीं कर सकते है । वास्तव में हमारा अस्तित्व ही  इस पर निर्भर करता है। हर दिन नई तकनीकें आ रही हैं जो मानव जीवन को आसान और अधिक आरामदायक बना रही हैं। इस प्रकार, हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के युग में जीवनयापन कर रहे है। मनुष्य जाति के सर्वस्व दुखो को हरने के लिए विज्ञान ने अपनी अहम  भूमिका निभायी है। पहले पीढ़ियों के बनाये हुए अन्धविश्वाश थे , जो विज्ञान के आगमन से दूर हो गए।

 पहले मिलो की दूरी तय करने में महीनो लग जाते थे , विज्ञान के कारण अब यह दूरी सिर्फ चंद मिंटो की रह गयी है। हमारे जीवन में इस्तेमाल की जाने वाली हर छोटी बड़ी चीज़ विज्ञान की ही देन है।  उदाहरण स्वरुप स्मार्टफोन को ले लीजिये , स्मार्टफोन से आप किसी से बात कर सकते है , सन्देश भेज सकते है ,अपने प्रियजनों से वीडियो कॉल द्वारा वार्तालाप कर सकते है , साथ ही गाने सुन सकते है। स्मार्टफोन के बैगर हम एक दिन भी नहीं गुजार सकते है।  यह सब विज्ञान और प्रौद्योगिकी के आविष्कारों की वजह से है।

थॉमस एडिशन ना होते तो बल्ब का आविष्कार ना हुआ होता और हम अँधेरे में रह जाते।  अल्बर्ट आइंस्टीन भी प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे , जिन्होंने विज्ञान के कई क्षेत्रों को उजागर किया और कई ज़रूरी तथ्यों से हमे वाकिफ करवाया।  न्यूटन को फादर ऑफ़ मॉडर्न साइंस कहा जाता है। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के नियम हमारे समक्ष रखे थे। अब्दुल कालम भारत के लोकप्रिय वैज्ञानिक थे , जिनके महान कार्यो को हम आज भी याद करते है।

ग्रहों की खोज और अंतरिक्ष में उपग्रहों यानी सैटेलाइट  की स्थापना  विज्ञान और प्रौद्योगिकी के कारण संभव हो पाया  है। भारत ने  चंद्रयान दो  को सफलतापूर्वक लांच किया है। चंद्रयान दो में हमें भले ही पूरी सफलता ना मिली हो।  लेकिन इसरो की तरफ से यह विशाल उपलब्धि थी।   दुनिया के कई देशो में भारत भी विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में उन्नति कर रहा है।  इसी तरह, विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने  कृषि क्षेत्रों पर सकारात्मक  प्रभाव डाला है।  इसके अलावा, प्रौद्योगिकी ने किसानों को बड़े पैमाने पर  उन्नत किया है , जिसके फलस्वरूप  फसलों के उत्पादन को बढ़ाया है। कृषि के क्षेत्र में विज्ञान का काफी योगदान रहा है , जिससे किसान बेहतर उपज और फसल उगा सके।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने  गणित , खगोल, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा समेत इत्यादि  विभिन्न क्षेत्रों को आगे बढ़ाने में सहायता की है। जहाँ विज्ञान ने मनुष्य को इतने लाभ पहुंचाए है , वहीं कुछ क्षेत्रों में विज्ञान मानव जाति के लिए अभिशाप साबित हुआ है।

विज्ञान का इस्तेमाल परमाणु बम ,घातक शस्त्र और औजार बनाने के लिए किया गया है।  इसका फायदा आंतकवादी मनुष्यजाति का संहार करने के लिए कर रहे है जो की घृणात्मक और नकारात्मक कार्य है, जिसकी  हम कड़े शब्दों में निंदा करते है। विज्ञान का इस्तेमाल जब तक मनुष्य अपने , जीव जंतुओं और प्रकृति के भलाई के लिए करेगा  , तब तक यह वरदान बना रहेगा। मनुष्य विज्ञान के बैगर अधूरा है।   विज्ञान और प्रौद्योगिकी का दुरुपयोग मानव जाति के लिए हानिकारक परिणाम उत्पन्न कर सकता है।

निष्कर्ष

विज्ञान का सही उपयोग वैज्ञानिक और आम इंसान दोनों करे तो  मानव जाति को और सफलता की उंचाईओं पर ले जाएगा। यह मानव जाति पर निर्भर करता है , कि वह इस विज्ञान की शक्ति का कैसे उपयोग करेगा ।  इसमें कोई संदेह नहीं , विज्ञान ने मानव जाति  का हर क्षेत्र में विकास किया  और इसके बिना हम अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकते है। घर से लेकर दफ्तर हर जगह हम विज्ञान द्वारा दिए गए उपकरणों का इस्तेमाल करते है।  विज्ञान मनुष्य जाति की असीम शक्ति है।

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