भारतीय किसान पर निबंध

भारतीय किसान पर निबंध-Essay on Farmer in hindi

प्रस्तावना: भारतीय किसानो की वजह से आज हमे अनाज मिलता है।  हमें रोज भर पेट खाना मिलता है।  बाज़ारो में सब्जी , फल उन्ही की वजह से आते है। जैसा की हम सब जानते है भारत एक कृषि प्रधान देश है। कृषि देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। किसानो की अनाज निर्माण में अहम भूमिका होती है।  वह दिन रात खेतों में परिश्रम करते है ताकि हमे अनाज मिल सके। किसानो की हालत दयनीय हो  रही है।  देश को आजाद हुए कई साल हो गए लेकिन किसानो की हालत में कोई ख़ास सुधार नहीं हुआ है ।

किसानो की उन्नति के लिए सरकार ने कई प्रयास किये है।  बैंक किसानो को कम ब्याज पर ऋण दे रही है ताकि वह अपने खेत को हरे भरे रख सके।  खेतों में फसलों की पैदावार अच्छी हो , इसलिए बैंक द्वारा सिर्फ किसानो के लिए कुछ विशेष योजनाएं जारी की गयी है।  फिर भी हर साल सूखा  की वजह से किसानो को मुसीबत का सामना करना पड़ता है।

जब बारिश नहीं होती तो सारे फसले बर्बाद हो जाते है।  किसानो की ज़िन्दगी में परेशानियों के बादल छा जाते है। कई किसानो को यह परेशानियां इतनी घेर लेती है कि वह आत्महत्या जैसे गलत कदम उठा लेते है।  उनकी भावनाओ को देश और उसकी सरकार को समझना होगा। उनके प्रति संवेदनशील होने के साथ उनके लिए बहुत कुछ करना चाहिए।

जब देश स्वतंत्र नहीं हुआ था , तब अंग्रेज़ो , जमींदारों , साहूकारों ने किसान के विश्वास का गलत फायदा उठाया।  उनके जमीन हड़प लिए और उन पर अत्याचार करने लगे। प्राकृतिक आपदाओं की वजह से किसानो की हालत और अधिक  खराब हो गयी है।  कई सरकारी मदद किये जाने के  बावजूद किसानो की दशा में आज भी कुछ ख़ास परिवर्तन नहीं हुआ है।  देशवासियों को किसानो की कदर करनी चाहिए।  कृषि से कुछ ख़ास ना मिलने के कारण किसान शहरों की ओर पलायन कर रहे है।

आजकल महंगाई इतनी अधिक बढ़ रही है।  कुछ किसानो ने शहरों की तरफ काम ढूंढ लिया है।  ऐसा इसलिए है क्यूंकि उन्हें कहीं से भी सहायता नहीं मिल पा रही है। कई नीतियां किसानो के हित में लागू किये गए मगर असलियत में उनका पालन ठीक से नहीं किया गया।  अगर ठीक से किया जाता तो किसान शहरों की ओर रोजगार के लिए नहीं चले जाते। पहले किसान कर चुकाने के लिए साहूकारों से कर्ज लेते थे। उसे वापस ना कर पाने की वजह से पूरी जिन्दगी उस कर के दबाव को सहन करते थे।

किसानो को उनके अत्याचारों को काफी सहन करना पड़ता था।  अभी पहले की तुलना में किसान जागरूक हुए है। कई किसानो को कम वेतन पड़ दूसरे के खेतों पर मज़दूरी करनी पड़ती थी। सरकार ने किसानो की दशा को सुधारने के लिए कई योजनाएं लागू तो कि मगर किसानो को किन्ही कारणों से यह सुविधाएं नहीं मिली। किसानो को सही मात्रा में बिजली नहीं मिल पाती है।  इससे खेतो की सिंचाई करने  में मुश्किलें आती है। अच्छे गुणवत्ता के बीज कुछ  किसानो को प्राप्त नहीं होते है।

किसानो की हालत इतनी खराब होने की वजह है अशिक्षा। अशिक्षा के कारण सरकार द्वारा जारी की गयी योजनायों का वह सही लाभ नहीं उठा पाते है। इससे उनके जीवन में निराशा का बादल और अधिक गहरा हो जाता है। गरीबी और अशिक्षा के कारण वह योजनाओं का फायदा नहीं उठा पा रहे है।

कुछ सालो पश्चात हमारे देश ने विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में काफी उन्नति की है। नए उन्नत तकनीकों के कारण कृषि क्षेत्र में उन्नति हुयी  है।  नए और विकसित उपकरणों का उपयोग कई किसान कर रहे है और उन्हें लाभ भी पहुंचा है। आज कई कृषक वैज्ञानिक तरीको का उपयोग कर रहे है ताकि बेहतर फसल उगा सके। विज्ञान ने कृषि क्षेत्र में सकारात्मक भूमिका निभायी है।

बैंक किसानो की सहायता हेतु कम ब्याज पर ऋण देते है ताकि वह इन आधुनिक उपकरणों को खरीद सके और सिंचाई इत्यादि कृषि संबंधित प्रक्रियाओं में उसका उपयोग कर सके। देश के कुछ राज्यों जैसे पंजाब , हरियाणा इत्यादि में कृषको ने काफी उन्नति की है।  अब पहले से किसानो की दशा में थोड़ा सुधार है , लेकिन सरकार को यहां रुकना नहीं है।  अभी बहुत कुछ करना बाकी है। कृषको की हालत में जब सुधार होगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी बेहतर होगी।  किसानो को आत्मविश्वास दिलाना ज़रूरी है कि देश उसके साथ है।

निष्कर्ष

किसानो की वजह से हमे अनाज मिलता है लेकिन उन्ही की हालत इतनी बुरी हो रही है।  अनावृष्टि के कारण उनकी फसले खराब हो जाती है।  कभी स्थिति इतनी ख़राब हो जाती है उन्हें पीने के लिए एक बूँद के लिए तरसना पड़ता है।  सरकार  को किसानो की तकलीफो और परेशानियों को समझना होगा और ऐसी योजनाओ का निर्माण करना होगा जिसका वह उनका लाभ उठा सके।

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