जल बचाओ पर निबंध

प्रस्तावना: जल हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है। अगर हमारे पृथ्वी पर जल नहीं होगा तो हम सभी प्राणी जीवित नहीं रह पाएंगे।  जल सिर्फ हमारी प्यास ही नहीं बुझाती  बल्कि कई अन्य दैनिक कार्य जैसे नहाना , कपड़े -बर्तन धोना इत्यादि में काम आता है।  आज देश और दुनिया की जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती चली जा रही है और जल की किल्लत भी बढ़ रही है। गर्मियों के मौसम में हर साल सूखा पड़ता है जिससे कई गाँवों और राज्यों में लोगो को पानी ना मिलने की तकलीफ झेलनी पड़ती है। अब वक़्त आ गया है कि हमे जल संरक्षण की तरफ ध्यान देना चाहिए।

अगर पानी बचाओ जैसे मिशन को गंभीरता से ना लिया गया तो भविष्य में पीने योग्य पानी नहीं बचेगा।  जल का उपयोग हम सभी करते है।  लेकिन सोच समझकर पानी का इस्तेमाल करना चाहिए।  व्यर्थ में पानी नहीं बहाना चाहिए। बड़े बड़े शहरों की उन्नति में नदियों ने अपना योगदान दिया है।  परिवहन के काम नदियों की वजह से सरल हो गया है।मंगल गृह में जीवन की सम्भावना है या नहीं उसकी खोज वैज्ञानिक कर रही है।  सबसे महत्वपूर्ण चीज़ जो वैज्ञानिक ने मंगल गृह पर खोज निकाली है वह है जल। मंगल ग्रह पर वायु कम है लेकिन जल पाया गया है।

पृथ्वी  का सत्तर प्रतिशत भाग  महासागर  , ग्लेशियर के रूप में मौजूद है। लोगो को जानना होगा कि सिर्फ एक प्रतिशत जल ही पीने योग्य है। सिर्फ मनुष्य के लिए ही नहीं बल्कि अन्य जीव जंतुओं के जीने के लिए भी जल की ज़रूरत है।

प्रत्येक दिन जल की कमी हम सभी प्राणियों को धरती पर परेशान  कर  रही  है। दिन प्रतिदिन प्रदूषण भी बढ़ रहा है और जिसकी वजह से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है।  हर वर्ष  मनुष्य और अन्य प्राणियों को प्राकृतिक  आपदाओं  को सहन  करना  पड़ रहा है ।  वर्षा की कमी के कारण जल नहीं मिल पा रहा है।

जल है तो जिन्दगी है।  जल की असली अहमियत उनको पता है जो पानी की एक बूँद के लिए तरस जाते है। जल संरक्षण अति आवश्यक हो गया है।दुनिया के कई क्षेत्रों में वर्षा कम हो रही है। बारिश की गिरावट के कारण लोगो में पानी के लिए जैसे अफरा तफरी मच रही है। वर्षा की कमी के कारण जलाशय सूख  जाते है।  कुछ  क्षेत्रों में भूजल पहले से ही गन्दा हो जाता है जो पीने योग्य नहीं होता है।

अद्योगीकरण के कारण भूजल में गिरावट आयी है।  डब्लूएचओ के अनुसंधान के हिसाब से करोड़ो लोगो को साफ़ और शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। जल संरक्षण को गंभीरता से लेना आवश्यक है।  अन्यथा हमारे बाद वाले पीढ़ी को जल नसीब नहीं होगा।पानी बचाओ अभियान कई जगहों पर चलाई जा रही है।  लोगो को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ऐसे अभियान चलाने से लोग सचेत होंगे और जल संरक्षण के प्रति पहले से ज़्यादा गंभीर होंगे।  लोग पानी के महत्व को समझेंगे।

लोगो को यह समझने की ज़रूरत है कि पीने योग्य पानी के स्रोत कम हो गए है।  अभी वक़्त है कि हम सब सचेत हो जाए और जल का ज़रूरत से अधिक उपयोग ना करे।जल का ज़रूरत से अधिक उपयोग जल संकट पैदा कर सकता है। स्वच्छ पानी की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती चली जा रही है। जनसंख्या वृद्धि भी जल संकट का प्रमुख कारण है।  प्रत्येक मनुष्य अगर एक लीटर भी पानी रोज़ बचाता है तो ज़रूरतमंद लोगो के काम आ सकता है।  ज़रूरतमंद लोगो को भी स्वच्छ जल मिल सकता है।

जब भी हम दैनिक कार्य करते है तो पानी बचाने की कोशिश हमेशा करनी चाहिए।  सिंचाई के समय , नहाते समय या पौधों को पानी देते समय जल का सोच समझ कर इस्तेमाल करना चाहिए। कई जगहों पर लोग गाड़ी धोने के लिए अनावश्यक रूप से पानी बहा देते है।  यह सही नहीं है।पानी का उचित और सोच समझकर उपयोग करना चाहिए।

निष्कर्ष

मनुष्य के जीवन  की बुनियाद जल है। जल नहीं तो जीवन का अंत भी निश्चित है।अगर सही तरह से जल बचाने के सभी उपायों का हम  अनुकरण करेंगे तो जल संरक्षण हम कर पाएंगे।जल व्यर्थ  यानी अपने ही पाँव पर कुल्हाड़ी मारने के समान है।

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