ट्रैफिक जाम की बढ़ती समस्या

ट्रैफिक जाम की बढ़ती समस्या पर निबंध 
[ Increasing problem of traffic jam ]

ट्रैफिक जाम की समस्या से आज भारत का हर राज्य परेशान है और यदि हम शहरों की बात करें तो दिल्ली बैंगलोर हैदराबाद जहां ट्रैफिक जाम की समस्या सबसे ज्यादा है।

उदाहरण स्वरूप यदि हम राजधानी दिल्ली को ले ले तो हम यह पाएंगे कि ट्रैफिक जाम से वहां जीवन अस्त-व्यस्त है हालांकि वहां मेट्रो ट्रेन की सुविधा है परंतु फिर भी स्थिति गंभीर है सुबह 8:00 बजे से 11:00 बजे तक और शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक ट्रैफिक का बुरा हाल रहता है, बारिश के दिनों में तो और भी बुरा हाल हो जाता है बारिश के दिनों में तो दिल्ली में यह हाल रहता है कि यदि आप अपने ऑफिस से शाम को 7:00 बजे निकलते हैं तो रात को 12:00 बजे तक घर पहुंच पाते हैं।

मैंने थोड़ा सा समय दिल्ली में व्यतीत किया और मैंने जब इस समस्या का सामना किया तो उसके कारणों का विश्लेषण करना प्रारंभ किया जिसमें मैंने पाया कि इसका मुख्य कारण दिल्ली की जनसंख्या में अमूमन उच्च वर्ग के लोगों की संख्या ज्यादा है और शान शौकत से रहना उनकी आदत और उन्हें अपने वैभव को दुनिया को दिखाना भी है जिसकी वजह से यदि परिवार में 5 सदस्य हैं तो सभी के पास अपना निजी वाहन होगा और सभी इसका प्रयोग अलग-अलग करेंगे अब मैं आपको यहां उदाहरण के माध्यम ये समझाने की कोशिश करती हूं कि मान लीजिए यदि परिवार के 3 सदस्यों का ऑफिस एक ही रास्ते में पड़ता है फिर भी वह तीनों अलग-अलग अपनी गाड़ी से ऑफिस जाते हैं तो ऐसे में ट्रैफिक जाम तो होना ही है, दूसरा जो सबसे महत्वपूर्ण कारण जिसपे जल्द से जल्द रोक लगनी चाहिए वह बढ़ती हुई जनसंख्या है लोग तो पहले भी थे और वाहन भी थे परंतु उस समय तो ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं थी फिर आज क्यों क्योंकि उस समय जनसंख्या इतनी नहीं थी जितनी कि आज है आज लोगों की प्रति व्यक्ति आय और खरीदने की क्षमता भी पहले से काफी बढ़ गई है जिसका यह दुष्परिणाम ही तो है ट्रैफिक समस्या जो शायद लोगों ने खुद ही पैदा की है विचार करें।

जब हम ट्रैफिक में फंसे होते हैं तो हम इसे शासन की विफलता मानते हैं और सरकार को दोषी ठहराते हैं जब तक हम सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर नहीं चलेंगे तब तक इस समस्या से नहीं लड़ पाएंगे अकेले प्रशासन इस समस्या से नहीं लड़ सकता, सरकार हमेशा से लोगों से यही अपील करती है यदि एक ऑफिस के कुछ कर्मचारी एक ही स्थान से आते हैं तो उन्हें वाहन पुलिंग करनी चाहिए जिससे पांच गाड़ी की जगह एक गाड़ी 5 लोगों को लेकर एक ही स्थान पर जाए इससे ट्रैफिक जाम की समस्या से काफी हद निजात मिलेगा और साथ ही साथ समय एवं पेट्रोल की भी बचत होगी इस पर विचार करने की आवश्यकता है।

कभी-कभी ट्रैफिक जाम होने की वजह से बहुत से लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ता है ऐसा अक्सर समाचारों में सुनाई देता है कि ट्रैफिक जाम की वजह से बीमार व्यक्ति समय से हॉस्पिटल नहीं पहुंच पाया जिसकी वजह से बीच रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।

अभी हाल ही में दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए दिल्ली सरकार ने ऑड इवन फॉर्मुल को बनाया जिसमें कि एक दिन ऑड नंबर्स वाली गाड़ियां चलेंगी और दूसरे दिन इवन नंबर वाली गाड़ियां चलेंगी यह सरकार की एक अच्छी पहल है ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने की, दिल्ली के पश्चात ट्रैफिक जाम की समस्या बेंगलुरु शहर में भी है वहां पर लोग घंटों ट्रैफिक में फंसे रहते हैं उदाहरण स्वरुप यदि किसी को फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट जाना है तो वह निर्धारित समय से 3 घंटे पहले ही अपने घर से निकल जाता है क्यों? ट्रैफिक की समस्या।

अतः हम सबको इस बात का ध्यान देना चाहिए कि हम कैसे ट्रैफिक की समस्या को रोक सकते हैं सरकार और प्रशासन अपना काम तो कर रहे हैं लेकिन हमारा क्या कर्तव्य बनता है इस तरफ इस पर हर एक व्यक्ति को विचार करने की आवश्यकता है मुख्यतः मेट्रो शहर में रहने वाले लोगों को।

जागृति अस्थाना लेखक

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