“मेरा स्कूल”, “मेरी पाठशाला” पर निबंध

मेरा स्कूल पर निबंध, मेरी पाठशाला पर हिंदी निबंध, Hindi essay on my school.

प्रस्तावना:- स्कूल शब्द की उत्पत्ति ग्रीक शब्द से हुई है जिसका अर्थ होता है अवकाश कुछ अजीब सा लगता है कि स्कूल का अर्थ अवकाश भी हो सकता है प्राचीन यूनान में अवकाश शब्द का प्रयोग स्कूल के नाम से संबोधित करते थे स्कूल जहां कोई भी बालक अपने भविष्य की नींव की  शुरुआत करता है स्कूल किसी भी बालक के जीवन का सर्वप्रथम वह स्थान है जहां वह शिक्षा ग्रहण करके अपने जीवन की शुरुआत करता है और अपने भविष्य का निर्माण करता है।

स्कूल की परिभाषा कई विद्वानों ने अपनी तरह से दी है उनमें से एक परिभाषा इस प्रकार है:-

जॉन डी .वी. :- स्कूल एक ऐसा विशिष्ट वातावरण है जहां बालक के वांछित  विकास की दृष्टि से उसे विशिष्ट क्रियाओ  तथा व्यवसयो की शिक्षा दी जाती है।

स्कूल का अर्थ और स्कूल की परिभाषा के बाद स्कूल के महत्व तब  और बढ़ जाता है जब छात्र स्वयं अपने स्कूल के बारे में चर्चा करें।

मेरे स्कूल की इमारत:- मेरा स्कूल बहुत ही सुंदर और आकर्षित है मुझे मेरा स्कूल बहुत पसंद है मेरे स्कूल में 50 कमरे हैं हर कमरे में व्यवस्थित  है मेरे स्कूल में 60  काबिल शिक्षक है ,30 सहायक ,1 प्रधानाचार्य और 10 गेट  कीपर है। मेरे स्कूल के प्रत्येक कमरे में फर्नीचर सुसज्जित हैं और प्रत्येक कमरा हवादार है ,प्रधानाचार्य जी का कमरा विशेष रूप से सजा हुआ है उसमें महात्मा गांधी जी और अन्य नेताओं की फोटो भी लगी है उनका कमरा बहुत ही आकर्षित है इसके अलावा स्टॉफ रूम  , पुस्तकालय, कंप्यूटर  रूम और प्रयोगशाला इत्यादि है सभी में उत्तम व्यवस्था है मेरे स्कूल में पीने के पानी और टॉयलेट की भी उचित व्यवस्था है।

मेरे स्कूल का पुस्तकालय:- मेरे स्कूल के पुस्तकालय में नवीन और प्राचीन पुस्तकों का अच्छा संग्रह है यह साहित्य से लेकर पाक कला इतिहास विज्ञान भूगोल सभी विषय की पुस्तक उपलब्ध है यह कई प्रकार के साहित्यकारों की पुस्तकें हैं जैसे मुंशी प्रेमचंद शेक्सपियर इत्यादि चित्रकला बागवानी के विभिन्न प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध है मेरे स्कूल के पुस्तकालय मुझे  बहुत प्रिय है।

मेरे स्कूल का खेल का मैदान:– मेरे स्कूल का खेल का मैदान स्कूल के बीचो-बीच है  जिसमें हम फुटबॉल क्रिकेट सभी खेल खेलते हैं हमारे स्कूल में सालाना खेल प्रतियोगिता रखी जाती है जिसमें जीतने वाली टीम को पुरस्कृत भी किया जाता है मुझे मेरे स्कूल की खेल के मैदान में खेलना बहुत पसंद है साथ ही मैं खेल के वार्षिक महोत्सव में भी खुशी-खुशी हिस्सा लेता हूं हमें खेल सिखाने के लिए खेलों के शिक्षक निर्धारित किए गए हैं जो बहुत ही अच्छे तरीके से हमें खेलों का ज्ञान प्रदान करते हैं।

मेरे स्कूल का बगीचा:– मेरे स्कूल का बगीचा बहुत ही सुंदर है इसमें रंग बिरंगे फूल लगते हैं जिनकी खुशबू हर जगह  फैलती है जो मन को प्रफुल्लित कर देती है मेरे स्कूल में स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए नीम इत्यादि के वृक्ष लगाए गए  हैं जो स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाने के साथ ही शुद्ध हवा प्रदान करते है मेरे स्कूल के बगीचे की सुंदरता की देखभाल करने के लिए माली लगाए गए हैं जो नियमपूर्वक उसकी देखरेख करते हैं मुझे मेरे स्कूल का बगीचा बहुत अच्छा लगता है।

मेरे स्कूल के शिक्षक:- एक विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक का महत्वपूर्ण स्थान होता है मेरे स्कूल के शिक्षक धैर्य और प्यार से हमें पढ़ाते हैं मेरे स्कूल के शिक्षक बहुत काबिल शिक्षक हैं मेरे स्कूल के शिक्षकों के पास सभी सवालों के जवाब होते हैं जिन सवालों की संका हमें होती हैं वह हमें बहुत ही समझदारी और विश्वास से सभी विषयों का ज्ञान देते मुझे मेरे सभी शिक्षक अति प्रिय है।

मेरे स्कूल की कार्यप्रणाली और अनुशासन:– मेरा स्कूल सुबह प्रातः काल 7:00 से 1:30 बजे तक का है हमें स्कूल से घर तक छोड़ने के लिए बस की व्यवस्था प्रदान की गई है सुबह की प्रार्थना के साथ ही स्कूल की शुरुआत होती है मेरा स्कूल अनुशासनप्रिय है  इसका पालन ना करने वाले छात्र के लिए  दंड का प्रावधान है, भले ही अनुशासन का पहला पाठ हमें परिवार से प्राप्त होता है पर एक स्वस्थ समाज के निर्माण में मेरे स्कूल की भूमिका भी अनुशासनप्रिय माहौल के रूप में नहीं निभा रहा है .

मेरा मेरे स्कूल के प्रति कर्तव्य:- मेरा स्कूल मुझे शिक्षा के साथ ही समाज का एक अच्छा नागरिक बनने में मेरी मदद करती है तो मेरा कर्तव्य भी है कि मैं मेरे स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं का सम्मान करु और  पूरी लगन,मेहनत और परिश्रम से शिक्षा ग्रहण करके अपने स्कूल का नाम रोशन  करू।

उपसंहार
एक कहावत है अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता कहने का आशय है कि एक अकेले व्यक्ति चाहे वह छोटा बच्चा ही क्यों न हो जब तक उसकी उंगली पकड़कर उसे रहा नहीं दिखाई जाए तब तक वह आगे नहीं बढ़ सकता और वही आगे बढाने का काम स्कूल करता है वह हमें ज्ञान और शिक्षा देता है और हमारे भविष्य का निर्माण करता है। मुझे मेरे स्कूल पर गर्व है। मेरे स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ ही उन सभी को मैं शत-शत नमन करता हूं जो मेरे भविष्य के निर्माण करता है।

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