इंटरनेट पर निबंध

इंटरनेट पर निबंध, Hindi Essay On Internet 

प्रस्तावना:- कहते हैं की मनुष्य को जीवित रहने के लिए बुनियादी रूप से रोटी, कपडा और मकान की आवश्यकता होती है, परन्तु वर्त्तमान समय में इंटरनेट ने इन बुनयादी आवश्यकताओं में अपनी जगह बना ली है। आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है जिसमे इंटरनेट की भूमिका अहम् हो गयी है, इंटरनेट की महत्वता को मैं एक व्यंग के माध्यम से आप के सामने प्रस्तुत करना चाहूंगी :

एक बार व्हाट्सप्प ने मोबाइल से बोला, यदि मैं न हूँ तो तुम्हे कौन पूछेगा,
यह बात सुनकर फेसबुक ने व्हाट्सप्प से बोला, यदि मैं न हूँ तो तुम्हे कौन पूछेगा,
इन दोनों की बात सुनकर गूगल ने बोला, यदि मैं न हूँ तो तुम दोनों को कौन पूछेगा,
दूर कहीं बैठे इंटरनेट ने इन सब की बात सुनी तो बोला यदि मैं न हूँ, तो ! तुम सब को कौन पूछेगा।

हालांकि की ये एक व्यंग मात्र है, परन्तु इस के माध्यम से मैंने इंटरनेट की महत्वता को समझाने का प्रयास किया हैं। इंटरनेट आई.टी (इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी) के क्षेत्र में क्रांति लेन वाला सबसे शक्तिशाली नेटवर्क है, जब कंप्यूटर का अभ्युदय हुआ तो, बाद में उसमे इक्कठा आंकड़ों एवं जानकारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान में भेजने की आवश्यकता का अनुभव किया गया जिसके परिणाम-स्वरूप सन 1969 में इंटरनेट का अविष्कार अमेरिका में किया गया, भारत में तो इंटरनेट 80 के दशक में आया था। इंटरनेट मानवजाति को विज्ञानं द्वारा दिया गया सबसे उत्कृष्ट उपहार है, इंटरनेट के अंदर अनेक सम्भावनाये छिपी हुई हैं, इंटरनेट के माध्यम से कोई भी सन्देश, चित्र, एवं चलचित्र एक स्थान से दूसरे स्थान पर पल भर में भेजा जा सकता है।

वर्त्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति व्हाट्सप्प एवं फेसबुक जैसे बहुचर्चित नामो से भलीभांति परिचित है जिनका उदगम इंटरनेट के द्वारा ही संभव हो पाया है, आजकल ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बहुत बढ़ गया है लोग घर बैठे अपनी मनपसंद वस्तुएं मँगा सकते हैं जिसकी कल्पना इंटरनेट के बिना नहीं जा सकती है। ई-मेल इस नाम से कौन नहीं परिचित है, चाहे कोई सरकारी संस्थान हो या कोई व्यक्तिगत हर जगह इसका प्रयोग सन्देश को एक छोर से दूसरे छोर पे भेजने के लिए किया जाता है जो इंटरनेट नेटवर्क द्वारा ही संभव है।

आजकल इंटरनेट पर लोगो की निर्भरता इस प्रकार बढ़ गयी है की भोजन के बिना वो एक दिन रह सकते हैं परन्तु इंटरनेट के बिना नहीं। 

यद्यपि इंटरनेट ने मानव जीवन में क्रन्तिकारी परिवर्तन लाये हैं परन्तु इसके दुष्परिणाम भी हो रहे हैं, कहते हैं न की जब तक आप किसी चीज़ को एक सिमित दायरे में रह कर इस्तेमाल करते हैं तब तक तो वो आप के लिए हितकर होती है परन्तु यदि आप उसी दायरे से बाहर आते हैं तो वही चीज़ आपके लिए अहितकर साबित हो जाती है ये बात इंटरनेट के परिपेक्ष्य में सही मालूम देती है।

आज कल युवा वर्ग एवं बच्चे इंटरनेट से सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं, हमारे देश में आज जो आपराधिक गतिविधिया बढ़ गयी हैं उनमे इंटरनेट की भूमिका को नाकारा नहीं जा सकता है, जैसे आजकल बैंको द्वारा इंटरनेट बैंकिंग की सुबिधा दी जाती है जिसके द्वारा आप घर बैठे अपने खाते से धनराशि एक बैंक से दूसरे बैंक में भेज सकते हैं ये पहल तो बहुत अच्छी है और लोग इससे से लाभान्वित भी हो रहे है, परन्तु कुछ आपराधिक प्रवित्ति वाले लोग इसी इंटरनेट का प्रयोग कर लोगो के खाते से धनराशि निकल ले रहे हैं जो की आज कल के
समय में गंभीर समस्या बन गयी है, हालांकि सेंट्रल बैंक ने इन गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठायें हैं, फिर भी इन गतिविधियों को पूर्ण रूप से नियंत्रित नहीं हो पा रही है।

उपसंहार:- अतः मुझे यही कहना है की इंटरनेट विज्ञानं द्वारा प्रदत अमूल्य भेट है जिसे हमे बड़ी सावधानीपूर्वक और सिमित दायरे में रहते हुए उपायोग करना चाहिए और इस वरदान को अभिशाप नहीं बनने देना चाहिए।

जागृति अस्थाना-लेखक

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1 thought on “इंटरनेट पर निबंध”

  1. Well done jagriti me aapke sab essay padti Hoon bahut hi a cha likhti hai aap . Aap ke essay me lagta koi buddhi jivi me likha hai .👍👍

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