अंतरिक्ष यात्रा पर निबंध

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आज हम अपने लेख के माध्यम से आपके लिए अंतरिक्ष यात्रा विषय पर निबंध लेकर प्रस्तुत हुए हैं। इस निबंध के जरिए आपको अंतरिक्ष यात्रा के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने को मिलेगी। आइए जानते हैं, अंतरिक्ष यात्रा पर निबंध….

प्रस्तावना

पृथ्वी का बाहरी आवरण जिसका ना अंत है, ना आरंभ अंतरिक्ष कहलाता है। अंतरिक्ष वह स्थान है जहां सूर्य, चंद्रमा, ग्रह इत्यादि उपस्थित होते हैं। कुछ प्रमुख लोग अंतरिक्ष में स्थित ग्रह उपग्रह तथा अन्य पिंडो की जानकारी एकत्रित करने के लिए अंतरिक्ष की यात्रा पर जाते हैं। इस प्रकार पृथ्वी से बाहर अंतरिक्ष में यात्रा करने को अंतरिक्ष यात्रा कहा जाता है। अंतरिक्ष में जो व्यक्ति यात्रा पर जाता है अंतरिक्ष यात्री कहा जाता है।

अंतरिक्ष यात्रा का इतिहास

अंतरिक्ष यात्रा की शुरुआत सर्वप्रथम रूस देश ने की थी। सन् 1957 में की गई इस प्रथम अंतरिक्ष यात्रा में किसी मनुष्य को नहीं भेजा गया था। बल्कि रूस ने अपने एक रोबोट को भेजकर प्रथम अंतरिक्ष यात्रा की उपलब्धि हासिल की थी। इस प्रथम यात्रा में सफलता पाने के बाद, रूस की ओर से प्रथम मनुष्य अंतरिक्ष यात्रा पर गया। 1961 में रूस की ओर से भेजे जाने वाला प्रथम अंतरिक्ष यात्री गागरिन सोवियत संघ से था। अपनी अंतरिक्ष यात्रा में गागरिन ने लगभग डेढ़ घंटे अंतरिक्ष में बिताए और सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस आए।इस प्रथम अंतरिक्ष यात्रा की सफलता के बाद अन्य तमाम देशों ने भी अंतरिक्ष यात्रा की उड़ान भरनी शुरू कर दी।

भारत की अंतरिक्ष यात्रा

भारत ने अब तक कई प्रक्षेपण यान को अंतरिक्ष में भेजा और अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया। भारत की ओर से अब तक 70 से ज्यादा उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा जा चुका है। भारत ने रूस की सहायता से अपना पहला उपग्रह 19 अप्रैल 1975 को भेजा था। भारत के इस पहले उपग्रह का नाम भारत के महान खगोलविद तथा गणितज्ञ आर्यभट्ट पर रखा गया। भारत को अंतरिक्ष में उपग्रह भेजने में सफलता अवश्य मिलेगी, लेकिन इसके साथ ही आर्थिक बोझ बढ़ गया। प्रथम अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा और कल्पना चावला रहे। जिसमें से कल्पना चावला की अंतरिक्ष यात्रा में मृत्यु हो गई थी।

अंतरिक्ष यात्रा का महत्व

अंतरिक्ष यात्रा से हमें कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। अंतरिक्ष यात्रा से हमें अंतरिक्ष के विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करने को मिलती है। पृथ्वी की वर्तमान स्थिति और अंतरिक्ष में पैदा होने वाले संकट का ज्ञान अंतरिक्ष यात्रा के माध्यम से पता चलता है। 20 वीं शताब्दी के बाद से अंतरिक्ष यात्रा के माध्यम से अंतरिक्ष में कई खोजे की गई। इसके साथ ही विज्ञान का सबसे बड़ी देन इंटरनेट का प्रयोग भी उपग्रहों के द्वारा करना संभव हो पाता है।

निष्कर्ष

वर्तमान समय में अंतरिक्ष यात्रा सबसे बड़ी यात्रा है। अंतरिक्ष यात्रा को करने के लिए बेहद हिम्मत और कई सालों की कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। भले ही अंतरिक्ष यात्रा में अंतरिक्ष यात्री की जान को खतरा होता है, लेकिन अगर अंतरिक्ष यात्रा सफल होती है, तो अंतरिक्ष यात्री व उसके देश का नाम रोशन होता है।

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