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सड़क स्वच्छता पर निबंध।

सड़क स्वच्छता पर निबंध। Swachh Bharat mission.

(हमारे देश के पूज्य महात्मा गांधी जी का सपना था
कि हम ना गंदगी खुद करेंगे और ना दूसरों को करने देंगे.)
महात्मा गांधी। …

प्रस्तावना: गांधी जी का यह सपना कि ना गन्दगी हम खुद करेंगे और ना ही दूसरों को करने देंगे क्या यह बात सार्थक हो रही है आपको शायद पता ही होगा कि हमारे देश को स्वतंत्र 72 साल हो गए और और आज भी कुछ लोगों की ऐसी सोच है। जो गंदगी करती है।

लेकिन यह भी सच है कि हमारे भारत देश के लोग बहुत ही धार्मिक और बहुत पवित्र सोच के लोग होते हैं पर हमारी स्वच्छता केवल पूजा घर या रसोई तक ही सीमित है अक्सर लोग अपने घर को तो साफ करते है और उसका जो भी कचरा होता है वह सड़क पर ले जा कर फेक देते तो क्या ये कचरा हमारे चारो ओर के वातावरण को गन्दा नही करता होगा वो कचरा पूरी सड़क को गन्दा करता है मतलब हमें बस हमारे घर को ही अपना समझना चाहिए अगर हम हमारे घर के अलावा सड़क की भी स्वच्छता पर ध्यान रखने लगे तो सड़क भी हमारे भारत की एक अनमोल हिस्सा है जो कि आखिर आती तो हमारे घर तक ही है।

सड़क की स्वच्छता नियमित हो: सड़कों को स्वच्छ रखना है तो नियमित सफाई होना चाहिए सड़क पर नियमित झाड़ू लगाना चाहिए, बारिश में जब सड़क पर पानी भर जाता तो इससे आने वाले लोगों को परेशानी होती ही है साथ ही पानी जब सड़क की आजू-बाजू की नालियों में भर जाता है तो उस गंदे पानी में मच्छरों का लार्वा पनपता है इसे उस क्षेत्र में बीमारियां फैलती, क्षेत्र से शहर इस तरह ये बीमारिया बढ़ती ही जाती है इसलिए नालियों में भरा हुआ कचरा बीमारिया फैलाते हैं और जब शुबह शाम पानी की सप्लाई की जाती है तो वह पानी भी सड़क पर फैलता है जिससे आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी होती है तो सबसे पहले इन पानी को फैलने से रोकने की जिम्मेदारियों ओर नालियों में पनपते कीटाणुओ को खत्म करना हमारे यहां के सफाई कर्मचारी ओर नगर निगम के अलावा हमारी भी है जिससे हमारी सड़के भी स्वछ रहे और हम भी स्वस्थ रहे।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत सड़क स्वच्छता: सड़क स्वच्छता के तहत स्वच्छ भारत अभियान 2 अक्टूबर 1914 को गांधी जयंती के दिन भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री. नरेंद्र मोदी जी ने महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर नई दिल्ली में शुरुआत की थी .महात्मा गांधी जी की 145 वें जन्म दिवस पर उनका सपना जो कि स्वच्छ भारत का था उसको पूरा करने की शुरुआत के तहत स्वच्छ भारत के साथ हमारे देश की स्वछता विश्व का महत्वपूर्ण पहलू है जो कि हम सब के लिए अत्यंत आवश्यक है।

युवा वर्ग का सड़क स्वच्छता अभियान: आज हमारे देश के युवा वर्ग भी स्वच्छता में काफी योगदान दे रहे हैं कई विभिन्न संगठन बन रहे है जो सड़क स्वच्छता पर कार्य कर रहे है। वह स्वयं सफाई करते हैं और लोगों को इस तरफ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं हमारे देश के युवा भी सफाई की ओर जुझारू होकर सड़क स्वच्छता पर ध्यान दे रहे है।

सप्ताह में एक दिन सड़क स्वच्छता को दे: हमारे देश के श्री संजय गांधी जी ने कहा था कि हमारे देश के युवा वर्ग को सप्ताह में एक दिन देकर श्रमदान करे तो इससे दूसरे लोग भी देखकर प्रेरित होते हैं ,और उन्होंने कहा था कि वह इसे एक अभियान के रूप में ना लेकर एक आदत बनाये साथ ही युवा वर्ग ही नहीं समाज के सभी वर्गों सड़क स्वच्छता के लिए आगे बढ़कर श्रमदान करना चाहिए क्योंकि यह सड़क हमारे देश की हमारी है जिस पर चलने का काम भी हमारा ही होता है।

सड़क स्वच्छता हमारी स्वयं की जिम्मेदारी: सड़क स्वच्छता के लिए हमे ये इंतजार नहीं करना चाहिए कि पहले कोई आगे बड़े फिर हम इसकी शुरुआत करेंगे ,इसके लिए हमे स्वयं हमारे यहां की सड़कों पर कचरा होने से रोकना होगा उसे खुद की जिम्मेदारी समझकर हम जब अपने आसपास का वातावरण तो स्वछ रखते है ओर जो कचरा हुआ उठाकर सड़क पर फेंक देते है क्योंकि सड़क उसका घर नहीं है इसलिए, ऐसा क्यों ?जिस देश के बने घर में हम रह सकते हैं तो उस देश की सड़क को साफ रखना भी तो हमारा कर्तव्य है .

ओर वो कर्तव्य इस प्रकार है। 

(1) घर के साथ सड़क को भी साफ रखना हमारा कर्तव्य है।

(2) सड़क के आसपास जो भी शोच करता है उसे शौचालय का उपयोग करने की जानकारी देना चाहिए।

(3) जगह – जगह आजकल सार्वजनिक शौचालय बने होते हैं कोई भी व्यक्ति हो उसे उसका प्रयोग करना चाहिए ना कि जगह जगह गंदगी करें यह समझना प्रति व्यक्ति का कर्तव्य।

(4) घर का जो भी कचरा हो उसे नगर निगम द्वारा कचरे के डिब्बे का प्रयोग करना चाहिए।

(5 ) सड़क के आस-पास की नालियों में फिनाइल या ब्लीचिंग पाउडर का प्रयोग करना चाहिए जिससे उसमें मच्छरों के कीटाणु ना पनपे और उनमें दवा का छिड़काव भी करे।

(6) किसी भी व्यक्ति को सड़क पर थूकना नाक छिड़कने जैसे काम नहीं करना चाहिए इससे गंदगी और बीमारियां फैलती हैं।

(7) एकजुट होकर सड़क स्वच्छता के लिए आगे बढ़ना होगा ताकि गांव से लेकर शहर तक सब स्वच्छ रहें।

(8) हमारे घर के छोटे बच्चों को भी सड़क स्वच्छता के बारे में जानकारी प्रदान करना चाहिए ताकि वह भी अपना टूटा-फूटा समान, कोल्डड्रिंक की बोतलें, प्लास्टिक की बोतल ,इधर उधर ना फेकें।

सड़क स्वच्छता के लिए नया विकल्प तलाश: माननीय श्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर सफाई व्यवस्था में कई सुधार किए गए हैं अब सड़कों को धूल और कचरे की समस्या से मुक्त कराने के लिए प्रबंधन ने एक नया विकल्प तलाश किया है जिसके तहत सड़कों की कचरे और धूल से निजात दिलाने के लिए जल्दी वैक्यूम क्लीनर मशीन खरीदी जाएगी और मशीन के आने से सड़के साफ दिखाई देंगी ओर नागरिकों को धूल मिट्टी की समस्या से निजात मिलेगी।

सड़कों की स्वच्छता के लिए वैक्यूम क्लीनर मशीनों से फायदा.

(1) सड़कों की सफाई बेहतर होगी

(2) दिन के अतिरिकर रात्रि में भी सफाई हो गई

(3) कम कर्मचारियों से बेहतर काम लिया जाएगा

(4) सड़कों की धूल मिट्टी होने की समस्या खत्म होगी

(5) सड़क पर पॉलिथीन पेपर इत्यादि अन्य तरह का कचरा नहीं दिखेगा।

अभी की सड़कों की स्थिति इस प्रकार है

(1) सड़कों पर धूल मिट्टी रहती है।

(2) कहीं – कहीं सड़कों पर पॉलिथीन व अन्य कचरा जमा रहता है।

(3) वाहनों के आने जाने से धूल मिट्टी उड़ती रहती है।

(4) दुकानों व घरों में कचरे व धूल के कारण सफाई व्यवस्था बाधित होती है।

(5) कर्मचारियों के काम करने के बावजूद धूल की समस्या खत्म नहीं होती है।

(6) स्वच्छता के लिए जो नियम बनाए हैं उसका भी बोहोत कम लोग पालन करते है।

(7) सड़क स्वच्छता के लिए कठोर नियम बनाने चाहिए जिसका पालन करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है।

उपसंहार

सड़क स्वच्छता के लिए जिस प्रकार हम हमारे आसपास का वातावरण हमारा घर साफ रखते हैं उसी प्रकार सड़क को भी साफ रखना हमारा कर्तव्य है क्योंकि जिस सड़क को आप गंदा करते हैं यही सड़क आपके घर तक आती है इसलिए इसकी सफाई हमारे घर की हमारे देश की सफाई समझ कर करना चाहिए।

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